Monday, March 30, 2009

देश को बचाने के लिए हम क्या करें ?


देश में लोकतंत्र की स्थिति नाज़ुक होती जा रही है .नव औपनिवेशिक उदारवादी नीतियां देश में पहले से छुपे सामंतवाद और उपनिवेशवाद के तत्वों से गठजोड़ कर के एक के बाद एक जनवादी आंदोलनों को तोड़ रही है.पिछले दो दशक में कई सशक्त आन्दोलन उभरे । जिनमे से सभी आशार्यजनक रूप से भूमंडलीकरण की उन्ही नीतियों के विरुद्ध sangathit हुए जिन पर इस लोकतान्त्रिक देश की सभी राजनीतिक पार्टियाँ समान रूप से सहमत हैं.इन नीतियों के विरुद्ध अगर कोई मुहिम चलती भी दिखती है तो सिर्फ़ वोट की राजनीति के स्तर पर । असली सुगबुगाहट ईमानदार लोगों के बीच ही दिखती है.वो चाहे किसी राजनीति में शामिल हों या न हो ।ऐसे में कई बार लगता है की आख़िर जनता का असली दुश्मन है कौन ? वो शासक वर्ग जो देश की सत्ता पर काबिज़ है ?वो सभी राजनैतिक पार्टियाँ जो चुनाव होने के बाद नोटेसत्ता की गुलामी करती हैं?और अगर देश में विरोध की आंधी उठती है तो हर बार मौकापरस्त नेतृत्व का शिकार हो जाती है। ऐसे में किसी व्यापक बदलाव के लिए किसी ईमानदार सच्ची सर्वहारा पार्टी की मौजूदगी की ज़रूरत है? और विडम्बना ये है की ऐसी किसी राजनैतिक पार्टी का देश में सर्वथा अभाव दीखता है । सवाल तो और भी हैं ?पर आख़िर जवाब कैसे मिलेंगे हमें?देश की युवा पीड़ी इन मुद्द्नो के प्रति पूरी तरह से उदासीन नज़र आती है । पर हमसे पहले की पीड़ी हमें दिया दिखाने में भी असमर्थ रही है । ये सच है। समूचा राजनैतिक परिदृश्य ,जन सरोकारों से शून्य दीखता है। विकास की तूफानी आंधी चला कर मुद्द्नो से bhatkane के लिए देश का mediya है.afsos की हम esi mediya का hissa banne जा रहे हैं .मेरी इस बात पर बहुत से लोगों को आपत्ति हो सकती है पर eemandari से gambhiratapoorvak सोचने की ज़रूरत है.khaskar युवा पीड़ी को.और भी ऐसे कई सवाल हैं जो बेशक हमारी तरफ़ से उठाये jane चाहिए yakinan राजनीति पर जिससे हम सब सबसे ज़्यादा बचना चाहते हैं पर राजनीति से बचना किसी samsaya का vikalp नही.ye हमें antatah accept करना ही होगा । और yakinan युवाओं का judav chhatra राजनीति में नज़र aaega देश की सबसे ज़्यादा esi की ज़रूरत है।

1 comment:

  1. जया, आदमी को आदमी में ही अपना दुश्मन नज़र आने लगे(ढूंढ़ना पड़े), इससे बड़ी विडंबना क्या होगी? असली दुश्मन खास तरह की मानसिकता और प्रवृतियां हो सकती हैं, जिन्हें पहले अपने अन्दर से फिर आस-पास से हटाना है. और व्यापक बदलाव के लिए ऊपर की तरफ नहीं नीचे की ओर देखना होगा.

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