Wednesday, June 12, 2019

तू हुआ नहीं है राख अभी


तू हुआ नहीं है राख अभी
है धधक रही है आग अभी
इज्जत के लिए कुछ करना है
है बची हुई है साख अभी।

इस मिट्टी में तूने जनम लिए
सब अच्छे-बुरे करम किए
इस मिट्टी की लाज बचानी है
तुम्हे पहली गोली खानी है।

सौगंध तुम्हे है राखी की
तुम्हे कसम है वर्दी खाकी की
सेना की शान ना कम होगा
जीवन जाने का ना ग़म होगा।

हारे मन से कुछ होता नहीं
रणछोड़ के लिए कोई रोता नहीं
तुम अड़े तो शत्रु में भय होगा
तुम लड़े तो तेरी जय होगा।

आकाश कुमार "मंजीत" 






Thursday, May 30, 2019

Myself आकाश कुमार

जीवन रहे खुशहाल
सदा सुन्दर हो व्यवहार ।
तन और मन बिल्कुल साफ रहे
ना रहे व्याधि आसपास ।
सक्रिय रहें लगातार
हो छुट्टी या सोमवार।
रहे होंठो पे मुस्कुराहट हरदम
यही है जीवन का आधार ।
काम की चिंता तो सदा रहेगी
ना करें आधार पर प्रहार

बुरा दौर भी आता जीवन में
हिम्मत और हौसला आजमाने
पर डटे रहे तो वो भी भाग जाएगी
और आखिर में वो दिन भी आएगा जीवन में
जब आपकी सोई हुई किस्मत जाग जाएगी
बढ़ो, लड़ो, पहुंचो मंजिल पर
किस बात का है इंतजार
जब भी जरूरत हो एक साथी की
याद करना, बैठा मिलूंगा होकर तैयार
Myself आकाश कु...मा...र

Sunday, May 26, 2019

पीहू की छोटी दुनिया

काव्या मेरी छोटी बहना
किशू मेरा भाई है
बहना लगती सुन्दर गहना
किशू दूध-मलाई है।

दोनों मुझको लगते प्यारे
टिम-टिम करते तारे हैं
करते प्यारी-प्यारी बातें
सूर में रोते गाते हैं।


छोटे-छोटे हाथ हैं उनके
नन्हे- नन्हे पांव हैं
अलग तरह की दुनिया अपनी
ममता भरी छांव है।

Saturday, January 20, 2018

भैया की तरह मुझे पढ़ने दो

शादी की जल्दी क्यों पापा?
भैया की तरह मुझे पढ़ने दो
है डगर कठिन, पर शिखर नहीं
है धोर अँधेरा, फिकर नहीं
इस अँधेरे से लड़ने दो
भैया की तरह मुझे पढ़ने दो
----------------------------
ये घर भी मेरा अपना है
पढ़ना-लिखना मेरा सपना है
बेटी अफसर बन सकती है
घर की ज्योति बन सकती है
है विघ्न-बाधा तो रहने दो
मुझे जीवन पथ पर बढ़ने दो
------------------------------
सुखोई भी है अपने जद में
सर्वोच्च शिखर अपने पद में
सत्ता भी चला कर देखा है
इन हाथों में ऐसी रेखा है
झरना हूं झर-झर बहने दो
कंकड़-पत्थर भी सहने दो
-----------------------------
इन पाँव में बेड़ी मत डालो
शादी को अभी कुछ दिन टालो
मैं कानूनन भी बच्ची हूं
पढ़ने-लिखने में अच्छी हूं
स्वछंद हवा को बहने दो
भैया की तरह मुझे पढ़ने दो

आकाश कुमार 'मंजीत'
------------***--------------


Friday, January 5, 2018

प्रेम की शायरी

दिखा के जलवा हुस्न का मुँह मोड़ा नहीं जाता

जगा के आरजू मुहब्बत का दिल तोड़ा नही जाता

यूं तो मिलते हैं कई मुसाफिर सफर में

थाम लिया जिनका हाथ हमसफर  मानकर राह में इस कदर छोड़ा नहीं जाता

Wednesday, January 3, 2018

सर्दी का सितम जारी

सर्दी का सितम जारी
सूरज पे पहरा भारी है
कइयों का टिकट कट गया
लाइन में मारामारी है।

क्लीनिक में लाइन लंबी
दवा-दारू भी जारी है
शम्भू काका भी चल दिए
काकी की अगली बारी है।

सब पे कहर है बरपा पछुआ की मार जारी
पशुओं का नंबर आया फसलों की भी तैयारी
सर्दी का सितम जारी
सूरज पे पहरा भारी है।

आकाश कुमार  'मंजीत'

Thursday, December 21, 2017

भाषण की सरकार

जनता को सरकार से बहुत आस है
देश का प्रधानमंत्री भाषण देने में पास है
भूख लगे तो रोटी,चावल की जगह चाय से काम चला लेना
और पेट भर जाए तो हिन्दी न्यूज चैनल लगा लेना
टी.वी पर मोदी जी का भाषण ही आएगा
और भाषण से ही आपके बच्चों का पेट भर जाएगा
नौकरी तो मिली नहीं लड़का एम.ए. पास है
जनता को सरकार से बहुत आस है
देश का प्रधानमंत्री भाषण देने में पास है
हिमाचल और गुजरात से विजयी होकर आ गए
टेलीविजन, न्यूजपेपर, फेसबुक पर छा गए
घोटाले का नाम लेकर गद्दी भी पा गए
2G के सभी आरोपी बरी होकर आ गए
जनता को सरकार से बहुत आस  है
देश का प्रधानमंत्री भाषण  देने में पास है